जय गौ माता, जय गोपाल
जय श्री राम
भारत माता की जय
राष्ट्रीय भगवा हिंदू वाहिनी की स्थापना 22 नवंबर 2025, दिन शनिवार को अत्यंत पावन और ऐतिहासिक उद्देश्य के साथ की गई। यह संगठन हिन्दू समाज की एकता, सनातन संस्कृति की रक्षा तथा राष्ट्रहित के संकल्प को लेकर अस्तित्व में आया। इस महान संगठन के संस्थापक श्री संगम शुक्ला जी हैं, जिनकी जन्मभूमि जनपद सीतापुर, उत्तर प्रदेश है।
राष्ट्रीय भगवा हिंदू वाहिनी की स्थापना का मूल उद्देश्य हिन्दू समाज को संगठित करना, सनातन धर्म की मर्यादाओं की रक्षा करना तथा भारत की प्राचीन धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को पुनः जागृत करना है। यह संगठन हिन्दू समाज के प्रत्येक वर्ग—युवा, महिला, किसान, श्रमिक, विद्यार्थी और संत समाज—को एक सूत्र में बाँधकर राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रीय भगवा हिंदू वाहिनी का लक्ष्य केवल संगठन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हिन्दू धर्म की रक्षा, सनातन मूल्यों का प्रचार-प्रसार, गौ माता की सेवा, भारतीय संस्कृति का संरक्षण तथा राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को जागृत करने का एक सशक्त माध्यम है। संगठन का यह दृढ़ विश्वास है कि जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक धर्म और राष्ट्र सुरक्षित नहीं रह सकते।
यह वाहिनी सनातन धर्म के सिद्धांतों—सत्य, धर्म, करुणा, त्याग और सेवा—को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी। समाज में व्याप्त अधर्म, अन्याय, असमानता और सांस्कृतिक पतन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए यह संगठन भारत को पुनः उसकी गौरवशाली पहचान दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है।
राष्ट्रीय भगवा हिंदू वाहिनी का दीर्घकालिक उद्देश्य भारत को हिंदू राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है, जहाँ सनातन संस्कृति, परंपराएँ और मूल मूल्य सुरक्षित रहें और भावी पीढ़ियाँ अपने धर्म, इतिहास और राष्ट्र पर गर्व कर सकें। संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्र, धर्म और समाज सेवा को अपना सर्वोच्च कर्तव्य मानकर कार्य करेगा।
यह संगठन विश्वास करता है कि संगठित हिन्दू समाज ही एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर सकता है। राष्ट्रीय भगवा हिंदू वाहिनी आने वाले समय में राष्ट्रहित, धर्मरक्षा और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
जय गौ माता
जय श्री राम
भारत माता की जय